छत्तीसगढ़

ठगी का ऐसा तरीका, रहें सावधान! आखिर कैसे अंबिकापुर में फंसे 10 लोग और गंवा दिए तीन करोड़

अंबिकापुर : क्रशर कारोबार में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सुनियोजित तरीके से लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले आरोपित शिवशंकर दास को गांधीनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित ने खुद को फाउंडेशन ग्रुप का संचालक बताकर लोगों को आसान लोन और विशेष स्कीम का लालच दिया तथा इसी बहाने कई लोगों से रकम ऐंठ ली। पुलिस के अनुसार आरोपित ने एक शिक्षिका समेत 10 लोगों को जाल में फंसाकर करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है।

मामले में पीड़िता दिव्या एक्का निवासी सरगवां ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता राजपुर ब्लॉक में शिक्षिका है। उसने बताया कि वर्ष 2024 में घर निर्माण के लिए लोन लेने की योजना बनाई थी। इसी दौरान परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप से जुड़े लोगों से हुई। आरोपित शिवशंकर दास और उसके सहयोगियों ने खुद को बैंक अधिकारियों से अच्छी पकड़ रखने वाला बताते हुए भरोसे में लिया। पीड़िता को यह कहकर प्रलोभन दिया गया कि कंपनी विशेष स्कीम के तहत लोन दिलाएगी, जिसमें लोन राशि का 60 प्रतिशत कंपनी को जमा करना होगा, जबकि शेष 40 प्रतिशत लाभार्थी को मिलेगा और पूरी किस्त कंपनी स्वयं जमा करेगी।

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आरोपित और उसके सहयोगियों ने व्हाटसप के माध्यम से पीड़िता से पैन कार्ड, आधार कार्ड, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट समेत अन्य दस्तावेज लेकर विभिन्न बैंकों से उसके नाम पर लोन स्वीकृत करा लिया। पुलिस के अनुसार आइसीआइसीआइ बैंक से 15 लाख रुपये, बैंक ऑफ इंडिया से 13.40 लाख रुपये तथा एचडीएफसी बैंक से 12.68 लाख रुपये सहित कुल 41.08 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया। इसके बाद आरोपित ने अलग-अलग खातों में 28 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

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विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपित शिवशंकर दास पिता राजू दास निवासी किशुनपुर थाना धौरपुर जिला सरगुजा से पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि वह क्रशर संचालन का कार्य करता है। किराए पर लेकर भी क्रशर संचालित करता है। कारोबार में भारी नुकसान होने के कारण पैसों की आवश्यकता थी। इसी वजह से उसने फर्जी स्कीम बनाकर लोगों को झांसे में लिया और उनके नाम पर लोन स्वीकृत कराकर रकम हासिल की। आरोपित ने यह भी स्वीकार किया कि पीड़िता के अलावा नौ अन्य लोगों से भी इसी प्रकार धोखाधड़ी की गई।

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पुलिस ने मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने और अपराध स्वीकार किए जाने के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उप निरीक्षक अभिषेक दुबे, आरक्षक दीनदयाल सिंह और सुल्तान अहमद की भूमिका रही।

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