अवैध रेत खनन के खिलाफ सड़क पर बैठे विधायक, कार्रवाई के बाद खत्म किया धरना, टास्क फोर्स ने 5 हाईवा पर की कार्रवाई

जांजगीर-चांपा। जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। नवागढ़ विकासखंड के केवा-नवापारा क्षेत्र में ग्रामीणों की शिकायत के बाद जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप सोमवार शाम मौके पर पहुंचे और अवैध रेत कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर धरने पर बैठ गए। देर रात तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन की कार्रवाई के पश्चात धरना समाप्त हुआ।
ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने विधायक को बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन और परिवहन जारी है। भारी वाहनों की आवाजाही से गांव की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और विरोध करने वालों को धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही थी।
जानकारी के अनुसार, विधायक ने मौके से ही राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग के अधिकारियों को अवैध खनन की सूचना दी। इसके बाद वे ग्रामीणों के साथ सड़क पर बैठ गए। विधायक के धरने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और जिला स्तरीय टास्क फोर्स मौके पर पहुंची।
कार्रवाई के दौरान टीम ने कथित रूप से अवैध रेत परिवहन में संलिप्त पांच हाईवा वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि प्रशासन द्वारा आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों और एक स्थानीय भाजपा नेता के बीच प्रशासनिक अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई। इस दौरान कथित तौर पर रेत भंडारण और परिवहन को लेकर बयानबाजी हुई, जिससे माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और परिवहन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
विधायक ब्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि जिले में अवैध रेत कारोबार को संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाना आवश्यक है।
देर रात तक चली कार्रवाई के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया। फिलहाल प्रशासन द्वारा जब्त वाहनों और संबंधित मामलों में आगे की जांच एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।




