छत्तीसगढ़

गृह मंत्री के पड़ोसी गांव में किसान ने खेत में की आत्महत्या, पेड़ पर गमछे का फंदा बनाकर लटका

भिलाई

बीमारी से परेशान एक किसान ने खेत के मेड़ पर लगे बबूल के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृत किसान अघनू यादव (43 वर्ष) मंगलवार को अलसुबह अपने घर से निकला था। वह पहले अपने खेतों में गया। फिर भाई के खेत में बबूल के पेड़ पर फंदा बनाकर झूल गया। जब बहुत देर तक किसान घर नहीं पहुंचा तो परिजन और आस-पास के लोग उसे ढूंढते हुए खेत पहुंचे जहां उसकी लाश फंदे पर लटकते हुए मिली। जिसके बाद इसी सूचना गांव के सरपंच के माध्यम से पुलिस को दी गई। किसान के आत्महत्या की सूचना पर ग्राम कोकड़ी पहुंची उतई पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस के मुताबिक किसान पिछले कुछ समय से अपनी बीमारी से परेशान था। उतई टीआई नवी मोनिका पांडेय ने बताया कि मंगलवार सुबह अघनू रोज की तरह उठा और खेत चला गया। जहां से वह लौटकर घर नहीं पहुंचा। तब परिजन उसे खोजने निकले। खेत गए जहां वह बबूल के पेड़ पर रस्सी का फंदा बनाकर झूल रहा था। परिजनों से पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि वह बीमारी से परेशान था। उसका इलाज चल रहा था। लेकिन अपनी परेशानी किसी शेयर नहीं करता था। पुलिस के बताया किकिसान के आत्मघाती कदम के पीछे कर्ज जैसी कोई बात तो नहीं, इसकी तफ्तीश की जा रही है। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के गृह ग्राम पाऊवारा के पड़ोसी गांव कोकड़ी में किसान के आत्मघाती कदम से ग्रामीण सकते में है। पुलिस ने बताया कि किसान ने अपने गमछे का इस्तेमाल फंदा बनाने के लिए किया था। गमछे के फंदे पर लटक कर उसने जान दी है। फिलहाल इस मामले में परिजनों सहित किसान के संपर्क में आने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस मामले में सभी एंगल से जांच कर रही है।

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