छत्तीसगढ़

जशपुर पुलिस ने सफेमा कोर्ट के आदेश पर कुख्यात गांजा तस्कर की 1.38 करोड़ की संपत्ति फ्रीज की

जशपुर : पुलिस ने सरगुजा रेंज में पहली बार SAFEMA कोर्ट के आदेश पर गांजा तस्करी में शामिल कुख्यात अपराधी हीराधर यादव की 1.38 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। इस कार्रवाई को पुलिस महानिरीक्षक (IG) सरगुजा रेंज अंकित गर्ग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देश पर अंजाम दिया गया।

हीराधर यादव, जो लंबे समय से ओडिशा से छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था, को पहले जशपुर जिले के बागबहार क्षेत्र से 27 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अपराध क्र. 94/2024 के तहत NDPS अधिनियम की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि हीराधर यादव के खिलाफ सीतापुर थाना क्षेत्र में भी गांजा तस्करी के दो मामले दर्ज हैं। वर्ष 2014 और 2016 में दर्ज इन प्रकरणों के अतिरिक्त, हाल ही में 2024 में कोतबा पुलिस चौकी में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हीराधर यादव के परिवार के खातों में मात्र 3 वर्षों के भीतर 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा कराई गई थी। पुलिस ने इस संदिग्ध लेन-देन की गहन पड़ताल कर संपत्ति का विवरण एकत्र किया।

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आर्थिक अन्वेषण में खुलासा हुआ कि गांजा के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्ति में यादव ने ग्राम हल्दीझरिया में स्थित एक दो मंजिला मकान (कीमत 1,01,47,134 रुपये) और पांच वाहन (02 कार, 02 मोटरसाइकिल और 01 ट्रैक्टर) (कीमत 37,35,000 रुपये) खरीदे थे।

इस पर SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) मुंबई कोर्ट के आदेश के बाद कुल 1,38,82,134 रुपये मूल्य की संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने कहा कि एसडीओपी पत्थलगांव ध्रुवेश कुमार जायसवाल द्वारा प्रस्तुत सटीक जांच रिपोर्ट के आधार पर SAFEMA मुंबई कोर्ट में पूरी कार्रवाई अत्यंत पेशेवर ढंग से प्रस्तुत की गई। उन्होंने कहा कि जशपुर जिले में पहली बार SAFEMA अधिनियम के तहत इस तरह की ऐतिहासिक कार्रवाई की गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ इसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।

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