जांजगीर चांपा

जांजगीर: नवरात्र पर्व पर जिला प्रशासन ने जारी की नई गाइड लाईन….मंदिर में सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दर्शन की अनुमति

  • एक समय में अधिकतम 5 ब्यक्ति मौजूद रह सकेंगे मंदिर में,
  • वाट्स अप, विडियो काल से ज्योति कलश के दर्शन,
  • ध्वनि विस्तारक यंत्र,डी जे का उपयोग रहेगा प्रतिबंधित,
  • कोविड 19, संक्रमण से सुरक्षा के मद्देनजर नवरात्र पर्व पर
    जिला दंडाधिकारी का संशोधित आदेश जारी,

जांजगीर -चाम्पा

नवरात्र पर्व के दौरान मंदिर में एक समय में अधिकतम 5 दर्शनार्थी उपस्थित रह सकेंगे। मंदिर में सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दर्शन की अनुमति होगी।कोरोना वायरस (कोविड-19) की तीसरी लहर की आशंका और जनसामान्य की संक्रमण से सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने आज संशोधित आदेश जारी किया है। जिला दंडाधिकारी द्वारा जांजगीर-चाम्पा जिले में नवरात्र पर्व के संबंध में निम्नानुसार संशोधित आदेश आदेश/ निर्देश जारी किया गया है

मूर्ति की ऊंचाई 08 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए।मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15 × 15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 3000 वर्गफीट की खुली जगह होनी चाहिए। पंडाल एवं सामने 3000 वर्गफीट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। एक पंडाल में दूसरे पंडाल की दूरी 250 मीटर मे कम नही होनी चाहिए।
मुख्य मार्ग सडक अथवा गलियों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी। पंडाल / मंडप के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल न हो, दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगायें जायेंगे। किसी भी एक समय पंडाल एवं मंडप के सामने मिलाकर 50 व्यक्ति से अधिक नहीं होनी चाहिए। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जायेगा ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेनिंग किया जा सकें। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जायेगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेनेटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आक्सीमीटर, हेडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी।
व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेसिंग आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस बल्ली से बेरिकेटिंग कराकर की जायेगी। कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृति कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि के विस्तारक यंत्र डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नही होगी। मूर्ति विसर्जन के लिये एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिये पिकअप, टाटाएस (छोटाहाथी) से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिये 10 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिये प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रुकने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिये स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट मार्ग एवं तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सामान्य रूप से सभी वाहन रिंग रोड के माध्यम से ही गुजरेंगे। विसर्जन के दौरान मार्ग में कही भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के पश्चात् एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन की किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी।
उपरोक्त शर्तों के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी। यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापित किया जाता है तो शहरी क्षेत्रों के लिये संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिये तहसीलदार कार्यालय में निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी।

धार्मिक स्थलों, मंदिरों में प्रतिबंधों के पालन पर होगी दर्शन की अनुमति-

जिला दंडाधिकारी श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने आगामी 07 अक्टूबर से प्रारंभ क्वार नवरात्रि पर्व के संबंध जिला जांजगीर-चाम्पा के धार्मिक स्थलों एवं मंदिरों हेतु निम्नानुसार आदेश जारी किया है-
माँ चन्द्रहासिनी देवी मंदिर चंद्रपुर, सर्व सिद्धी दक्षिण काली शक्ति पीठ माँ अष्टभुजी मंदिर अडभार, महामाया मंदिर सक्ती, बेरीवाली मंदिर बाराद्वार रोड सक्ती, काली मंदिर बाराद्वार, खम्बेश्वरी मंदिर कचंदा, महामाया मंदिर हमीद, मनका दाई मंदिर खम्हरिया, विश्वेश्वरी मंदिर किकिरदा, ममलेश्वरी देवी मंदिर चाम्पा, माँ मनका दाई मंदिर खोखरा, माँ महामाया मंदिर हरदी-अकलतरा, त्रिपुर सुंदरी मंदिर पहरिया, सरई श्रृंगार मंदिर बलीदा आदि मंदिर / धार्मिक स्थलों में नवरात्रि पर्व के दौरान सीमित प्रतिबंधों के पालन करने पर दर्शन की अनुमति होगी। किसी भी एक समय मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की संख्या 05 से अधिक न हो। मंदिर में दर्शन की अनुमति प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक होगी। मंदिर ट्रस्ट/समिति सभी दर्शनार्थियों हेतु (कोविड-19) वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट अथवा कोविड आरटीपीसीआर निगेटिव जांच रिपोर्ट 72 घण्टे के भीतर दिखाए जाने पर ही दर्शन की अनुमति होगी। मंदिर ट्रस्ट/ समिति द्वारा सैनेटाइजर थर्मल स्कीनिंग आक्सीमीटर, हेडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी।
दर्शन के दौरान दर्शनार्थियों को कोविड गाईड लाईन मास्क, सैनिटाईजर, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा।
मंदिर परिसर में ज्योति कलश जलाया जावेगा किन्तु दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ज्योति कलश एवं मंदिर प्रबंधन में लगे समस्त व्यक्ति नवरात्रि पर्व तक मंदिर परिसर में ही निवासरत रहेंगे तथा कोविड गाईड लाईन का पालन करेंगे। दर्शनार्थी ज्योति कलश के दर्शन व्हाट्स अप या वीडियो कॉल के द्वारा कर सकेंगे। इसकी व्यवस्था मंदिर प्रबंधक / समिति द्वारा की जावेगी। पदयात्रा की अनुमति नहीं होगी।इस क्यार नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर एवं अन्य स्थानों पर मेवा पंडाल स्थगित रहेगा। -इस क्वार नवरात्र मंदिर परिसर पर लगने वाला मेला, मीना बाजार एवं अन्य दुकान प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर परिसर की दुकानों में पूजा सामाग्री के अतिरिक्त अन्य खाद्य पदार्थ का विक्रय प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर परिसर में भागवत कथा, रामायण पाठ आयोजित किये जा सकेंगे परन्तु इसमें श्रद्धालुओं ,श्रोताओं को शामिल होने की अनुमति नहीं रहेगी। जिले के मंदिर परिसर और आस-पास क्षेत्रों एवं अन्य स्थानों पर लगने वाला मेला स्थगित रहेगा। मंदिर प्रबंधक, समिति मंदिर परिसर में कोरोना वायरस से सुरक्षा संबंधित व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

उक्त निर्देशों के पालन, दर्शनार्थियों की सुविधा एवं कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के संबंध में अनुविभागीय  दण्डाधिकारी द्वारा अपने क्षेत्र के समस्त मंदिरों के प्रबंधक/समिति के सदस्यों के मध्य बैठक आयोजित की जायेगी।

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा तथा उक्त निर्देशों के उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट -विधि अनुकुल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्यवाही की जावेगी।

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