छत्तीसगढ़

सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी को दी फांसी की सजा, हाईकोर्ट तय करेगी तारीख

राजनांदगांव

ग्राम बघेरा में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के के दोषी दीपक बघेल को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। जिले में यह दूसरा मामला है, जिसमें दुष्कर्म व हत्या जैसे जघन्य अपराध में दोषी को अदालत ने फांसी की सजा दी है। इससे पहले 13 सितंबर को राजनांदगांव ब्लाक के ही ग्राम कांकेतरा में चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अनाचार कर मुंह दबाकर हत्या करने वाले शेखर कोर्राम को फांसी की सजा सुनाई थी। बघेरा की घटना में सजा फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश शैलेष शर्मा ने लोक अभियोजक परवेज अख्तर की पैरवी के बाद सुनाई है। मामला बीते 28 फरवरी और एक मार्च की दरमियानी रात का है। जब दोषी दीपक बघेल घर के बाहर खेल रही सात वर्षीय बच्ची को जसगीत दिखाने के नाम पर अपने साथ ले गया। दोषीी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। बच्ची की लाश को दोषी दीपक ने गांव से गुजरे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। रातभर जब बच्ची घर नहीं लौटी तो स्वजनों ने उसकी खोजबीन की। तभी गांव के कुछ लोगों ने बताया कि मृतका के मामा के दोस्त दीपक बघेल के साथ उसे जाते देखा गया था। उससे जब पूछताछ की गई, तो दोषी दीपक ने पहले गोलमोल जवाब दिया। संदेह होने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर अपराध स्वीकार किया था। अपराध दर्ज कर पुलिस ने दीपक बघेल को जेल भेज दिया था। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश शैलेष शर्मा ने आरोपित दीपक बघेल को फांसी की सजा सुनाई। बताया गया दोषी को फांसी की सजा देने की तारीख हाईकोर्ट तय करेगी। इससे पहले 13 सितंबर को फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश शैलेष शर्मा ने राजनांदगांव से लगे कांकेतरा गांव में हुए इसी तरह की जघन्य घटना के मामले पर आरोपित शेखर कोर्राम को फांसी की सजा सुनाई थी। इस मामले में भी फांसी की तारीख हाइकोर्ट ही तय करेगी।

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