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‘नूंह, मणिपुर हिंसा पर चुप क्‍यों हैं पीएम मोदी, संसद क्‍यों नहीं आ रहे’, TMC MP शत्रुघ्न सिन्हा का तंज

नई दिल्ली

मोदी सरनेम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी. कोर्ट के फैसले के बाद पूरे विपक्ष में खुशी का माहौल है. टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने इसे विपक्षी गठबंधन INDIA की जीत बताया है. उन्होंने रविवार (6 अगस्त, 2023) को कहा कि सरकार ने बदले की राजनीति से राहुल गांधी के खिलाफ ऐसा किया था. आने वाले दिनों में संसद के भीतर और तमाशा होगा.

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘आपने बदले की राजनीति से भारत जोड़ो यात्रा के हीरो राहुल गांधी के साथ ऐसा किया. बंगाल की टाइग्रेस ममता बनर्जी ने INDIA और राहुल गांधी को कितना सपोर्ट किया. इन लोगों के सारे सपोर्ट के बावजूद बौखलाई हुई सत्ता ने राहुल जी को आनन-फानन में 24 घंटे के अंदर निकाल भी दिया, सदस्यता भी खारिज करवा दी और घर भी खाली करवा दिया. अब राहुल गांधी की वापसी इस तरह से आना वो भी सुप्रीम कोर्ट के आशीर्वाद, समर्थन और न्याय से. एक बार फिर न्यायिक प्रणाली में लोगों का विश्वास बढ़ गया है. ये पूरे विपक्ष INDIA की जीत है.’

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नूंह-मणिपुर हिंसा पर पीएम चुप क्यों, शत्रुघ्न ने पूछा
विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव और संसद में पीएम की अनुपस्थिति पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि अविश्वास प्रस्ताव किया तो गया है, लेकिन कुछ पता नहीं प्रधानमंत्री आएंगे, नहीं आएंगे, जवाब देंगे, नहीं देंगे. अविश्वास पत्र जीत और हार के लिए नहीं है एक्सपोज करने के लिए है. सवाल का जवाब देने के लिए है कि आप मणिपुर पर चुप क्यों हैं, वहां क्या-क्या हो गया.

शत्रुघ्न सिन्हा ने नूंह और मणिपुर हिंसा को लेकर भी सरकार को निशाने पर लिया और कहा कि जो हो रहा है, वो बहुत ही गलत हो रहा है, बहुत ज्यादा निंदनीय है. खतरनाक घटनाएं घट रही हैं, उससे भी ज्यादा ये बहुत शर्मनाक घटनाएं हैं. उन्होंने आगे कहा कि कई लोग तो ये भी कह रहे हैं कि हमारी सत्ताधारी पार्टी के मित्रगण उसमें वे अपनी चुप्पी और हरकतों की वजह से बहुत जिम्मेदार हैं.

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शत्रुघ्न ने कहा, संसद चलाना सरकार की जिम्मेदारी होती है
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘मैं किसी पर दोष नहीं लगा रहा हूं, लेकिन यह नहीं समझ पा रहा हूं कि हमारे माननीय इसक मामले पर चुप कैसे हैं. एक तो संसद नहीं आ रहे हैं, जवाब नहीं दे रहे हैं. हरियाणा और मणिपुर की घटनाओं पर रोशनी नहीं डाल रहे हैं और न ही किसी को डालने दे रहे हैं. उससे भी ज्यादा दुख की बात ये है कि संसद चलाना सरकार की जिम्मेदारी होती है. हमारे स्वर्गीय नेता अरुण जेटली, सुषमा स्वराज ने भी कहा था. हमारे साथ बगल में जो बैठे हैं हरे राम सिंह बहुत मजबूत और कद्दावर नेता हैं, इनको तो पता है कि सरकार ऐसे पल्ला नहीं झाड़ सकती कि विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा.’

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