जांजगीर चांपा

अकलतरा: लटिया की छाती पर बारूदी विस्फोट

भविष्य मे भूस्खलन की स्थिति पैदा हो सकती है

अकलतरा

अकलतरा के समीपस्थ ग्राम लटिया पकरिया को अपने अत्यंत गुणी होने का दंश किस कदर चुकाना पड़ रहा है यह लटिया पकरिया के लोग और उनके घरो की दरकती छते और दीवारे बताती है । लटिया पकरिया न केवल अकलतरा के सबसे समीप है बल्कि रेलवे लाइन से जुड़ी है और इस धरती पर प्रकृति ने जो उपकार किया है वो लटियावासियो के तो कोई काम नही आया परंतु बाहर के लोगो ने अपनी तिजोरियां भर ली है बल्कि तिजोरी भी अब ओवरफ्लो हो रही है पऱंतु फिर भी इस ओवरफ्लो होते धन का एक कतरा भी लटिया वासियो को नही मिल रहा है । जैसा कि हम सभी जानते है । लटिया मे ही अकेले पुरोहित क्रशर, मनीष बनाफर और गणेश मिनरल्स सहित सात क्रशर खदाने है जिसमे अनुमति नही होने पर भी हेल्को ब्लास्टिंग कर लटियावासियो के दिल और घर को दहलाया जा रहा है । इस ब्लास्टिंग से घर की छते और दीवारे दरक रही है लेकिन खनिज विभाग अंधा , बहरा और गूंगा बना हुआ है और बने भी क्यो नही जब स्थानीय प्रशासन ही बेखबर बन रहा है तो जिला प्रशासन क्यो अकलतरा के फटे मे अपनी टांग अडा़ये ।

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क्षमता से ज्यादा खोदे जा चुके है कुछ खदान

लटिया के विशालकाय खुदे खुले खदानो को देखकर एक ओर मानव की प्रकृति पर विजय का आभास होता है तो दूसरी ओर मानव द्वारा प्रकृति का अनियंत्रित दोहन और भविष्य मे इसके परिणाम की दुश्चिंता जनम लेती है खनिज विभाग के मानक अनुसार किसी खदान को चालीस मीटर तक ही खोदने की अनुमति है लेकिन कई ऐसे खदान है जो मानक से दो गुना खोदे जा चुके है और अब उन खदानो मे पानी रिसने लगा है जिसे खदान मालिक मोटर पंप लगाकर खिचवाता है । इस तरह के खदानो को मुख्य सड़को से 500 मीटर दूर होना चाहिए लेकिन लटिया की सभी खदाने सड़क के किनारे स्थित है सडको पर जाते हुए इन विशालकाय खदानो को देखकर भय उत्पन्न होता है ।

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पचगंवा स्कूल से लगा है कल्याणपुर मे खदान

लटिया पकरिया का पड़ोसी गा़ंव कल्याणपुर का आश्रित ग्राम पंचायत दर्रीटांड में प़चगंवा स्कूल अपने साथ सहकारिता की मिशाल का इतिहास समेटे खड़ा है लेकिन खनन की अनुमति देने वाले अधिकारियो और उसके बाद आने वाले किसी भी अधिकारी को पचगंवा स्कूल नही दिखा जहां रोज बच्चे बड़ी संख्या में पढ़ने आते है और रोज विस्फोटो के बीच अपने सुनने की क्षमता कम होते महसूस कर रहे है और साथ ही रोज इन खदानो से निकलने वाले बारीक धूल कणो को खा रहे है और भविष्य के लिए फेफड़ो की बीमारी सिलिकोसिस को जमा कर रहे है देश का भविष्य ये बालक बालिका आगे चलकर एक अकुशल और कमजोर नस्ल बनने तैयार हो रहे है लेकिन विकास के बहाने लोगो की जान से खेलते इन मौत के सौदागरो को रोकने कोई जिम्मेदार अधिकारी रुपी फरिश्ता नही आता है ।

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शिकायत यदि सही है तो कार्यवाही होगी । खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम लटिया और दर्रीटांड निरीक्षण मे जायेगी । विक्रांत अंचल एसडीएम अकलतरा

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