छत्तीसगढ़जांजगीर चांपा

भ्रष्टाचार पर पर्दा? फिर से एक बार हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 47 हजार का खेल उजागर

जांजगीर-चांपा। ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर बड़ा खेल! हैंडपंप मरम्मत के नाम पर एक बार 45 हजार, और फिर 47 हजार रुपए निकाल लिए गए… लेकिन जमीन पर काम शून्य। जब मीडिया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, तो हड़कंप मच गया। सवाल ये क्या ये भ्रष्टाचार छुपाने की कोशिश?

मामला ग्राम पंचायत का है, जहां सरपंच और सचिव द्वारा धरदेई धनवार डेरा में हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 45 हजार रुपए निकाल लिए गए थे। लेकिन जब टीम ने जमीनी हकीकत देखी, तो तस्वीर बिल्कुल उलट थी। न मरम्मत, न काम… सिर्फ कागजों में विकास! जैसे ही खबर मीडिया में प्रमुखता से चली… पंचायत में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कर्मचारी भेजे गए और हैंडपंप की मरम्मत शुरू करवाई गई। चिलचिलाती धूप में पानी के लिए तरस रही आदिवासी महिलाओं को आखिरकार राहत मिली। हैंडपंप से पानी फिर बहने लगा… और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।

See also  NHM कर्मचारियों को बड़ी सौगात : सीएम साय ने हड़ताल के दौरान रुका वेतन देने का किया ऐलान, स्वास्थ्य मंत्री ने की 27% लंबित वेतन वृद्धि

लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल, जिस मरम्मत में सिर्फ 4 से 5 हजार रुपए का खर्च आया… उसके नाम पर पूरे 45 हजार रुपए कैसे निकाल लिए गए? क्या बाकी के 40 हजार रुपए सरपंच और सचिव की जेब में चले गए?

यह सिर्फ एक मामला नहीं… ऐसे कई कारनामे इस पंचायत में दबे पड़े हैं। विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपए के बंदरबांट का खेल जारी है। जहां दूसरा कारनामा ग्राम पंचायत धरदेई के इस धनवार डेरा स्कूल के पास आज से 8 महीने पूर्व सरपंच और सचिव द्वारा हैंडपंप मरम्मत के नाम से 47000 हजार रुपए निकाल लिया गया था लेकिन वहां पर भी आज तक हैंडपंप मरम्मत नहीं किया गया, पूरा का पूरा 47000 पैसा सरपंच और सचिव के जेब में चला गया, इस तरीके से ग्राम पंचायत धरदेई में भ्रष्टाचार का आलम है।

See also  जमीन कब्जा दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप, प्रधान आरक्षक सस्पेंड

अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है… क्या होगी जांच? क्या वापस आएंगे जनता के पैसे? या फिर ऐसे ही कागजों में चलता रहेगा विकास का खेल? हम लगातार इस खबर की परत दर परत सच्चाई आपके सामने लाते रहेंगे!

Related Articles

Leave a Reply