छत्तीसगढ़रायगढ़

फर्जी नाम से किराये पर लिया ट्रेलर : 5.20 लाख में बेचकर खा गया, रायगढ़ पुलिस ने शातिर आरोपी को दबोचा

रायगढ़। फर्जी नाम और पहचान का सहारा लेकर ट्रेलर वाहन किराये पर लेने और बाद में उसे बेचकर लाखों रुपये हड़पने वाले मुख्य आरोपी को कोतरारोड़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने वाहन मालिक को झांसे में लेकर ट्रेलर हासिल किया था और कुछ ही दिनों बाद उसे बेचकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि मामले का एक अन्य आरोपी अब भी फरार है।

कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के गोरखा निवासी हरदीप सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि, करीब दो वर्ष पूर्व एक व्यक्ति ने खुद को राकेश डनसेना बताकर उनसे संपर्क किया और ट्रेलर वाहन किराये पर लेने की बात कही। बातचीत के बाद दोनों के बीच प्रतिमाह 80 हजार रुपये किराया तय हुआ और 7 नवंबर 2024 को किरायानामा भी तैयार किया गया। 

See also  छत्तीसगढ़ में बिजली हुई महंगी : घरेलू 50 पैसे, गैर घरेलू और सिंचाई पंप के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट बढ़े दाम

भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने एचडीएफसी बैंक का हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक भी दिया था। वाहन लेने के कुछ दिनों बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और न तो किराया मिला, न ही वाहन वापस लौटा। अपनी पड़ताल में प्रार्थी को पता चला कि, खुद को राकेश डनसेना बताने वाला व्यक्ति वास्तव में ग्राम गहलोई निवासी सुदामा प्रधान उर्फ छोटू है। इसके बाद कोतरारोड़ थाना में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह के नेतृत्व में आरोपी की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली कि, सुदामा प्रधान पहले भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है।

See also  छत्तीसगढ़ में बिना पंजीयन बाहरी चिकित्सकों के प्रवेश का विरोध, डॉक्टर्स फेडरेशन ने दी आंदोलन की चेतावनी

कोतरारोड़ और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि, उसने अपने साथी गुरप्रीत सिंह के साथ मिलकर हरदीप सिंह के ट्रेलर वाहन को किराये पर लेकर बेचने की साजिश रची थी। योजना के तहत गुरप्रीत सिंह ने वाहन मालिक को एनटीपीसी लारा में वाहन चलाने का झांसा दिया, जबकि सुदामा प्रधान ने राकेश डनसेना बनकर सौदा तय किया।

See also  मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में लगी शिकायतों की भरमार : पांच दिनों के भीतर 15,434 लोगों ने दर्ज करवायी अपनी समस्याएं 

आरोपी ने स्वीकार किया कि, फर्जी किरायानामा तैयार कर ट्रेलर वाहन क्रमांक सीजी 15 एसी 4476 को अपने कब्जे में लिया गया और बाद में रायपुर ले जाकर हार्स व ट्राला समेत 5 लाख 20 हजार रुपये में बेच दिया गया। बिक्री से मिली राशि दोनों आरोपियों ने आपस में बांट ली।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि, वाहन को रायपुर स्थित एक डिस्पोजल गोदाम में काट दिया गया था। गोदाम संचालक बिलाल खां की मृत्यु हो चुकी है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पूर्व में वाहन और मोबाइल चोरी की घटनाओं में भी संलिप्तता स्वीकार की है, जिनकी अलग से जांच की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply